Monday, February 26, 2024
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सैटेनिक वर्सेज के बदनाम लेखक सलमान रुश्दी पर अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हुआ जानलेवा हमला

नई दिल्ली (क़ौमी आगाज़ डेस्क)
जाने माने और बदनाम लेखक सलमान रुश्दी ने अपनी किताब ‘सैटेनिक वर्सेज’ जो 34 साल पहले यानि 1988 में लिखी गई थी। और पूरी दुनिया में इस किताब और सलमान रुश्दी का बहुत विरोध हुआ था क्योंकि इसी किताब में सलमान रुश्दी नें पैगंबर साहब की बेअदबी के शर्मनाक कारनामें किए। 1989 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के नेता अयातुल्ला खुमैनी ने रुश्दी के खिलाफ मौत का फतवा जारी कर दिया था। इस फतवे के जारी होने के 33 साल बाद शुक्रवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में सलमान रुश्दी पर जानलेवा हमला हुआ है। न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस के मुताबिक सुबह 11 बजे चौटाउक्वा इंस्टीटयूशन में हमलावर तेजी से मंच पर दौड़ा और सलमान रुश्दी पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू सलमान रुश्दी की गर्दन पर लगा और वह मंच पर ही गिर पड़े। रुश्दी को एयर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, जिसका वीडियो खूब वायरल हो रहा है। ‘सैटेनिक वर्सेज’ उपन्यास में जिसका हिंदी में अर्थ ‘शैतानी आयतें ’बनता है। रुश्दी ने अपनी इस किताब में एक काल्पनिक किस्सा लिखा और इस्लाम मज़हब को अपनी दूषित सोच का निशाना बनाया। इस किताब के नाम पर ही मुस्लिम धर्म के लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई और विरोध प्रदर्शन किए। भारत में इस उपन्यास को बैन किया गया। इसके अलावा पाकिस्तान और कई अन्य इस्लामी देशों ने इसे प्रतिबंधित कर दिया। फरवरी 1989 में रुश्दी के खिलाफ मुंबई में मुसलमानों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन पर पुलिस की गोलीबारी में 12 लोग मारे गए और 40 से अधिक घायल हुए थे। ईरान की इस्लामिक क्रांति के नेता अयातुल्ला खुमैनी ने रुश्दी के खिलाफ 1989 में मौत का फतवा जारी किया। 3 अगस्त 1989 को ही सेंट्रल लंदन के एक होटल पर आरडीएक्स विस्फोट कर सलमान रुश्दी को मारने की कोशिश हुई, लेकिन वह इस हमले में बाल-बाल बच गया। बाद में मुजाहिद्दीन ऑफ इस्लाम ने इस घटना की जिम्मेदारी ली। मानव बम बने एक शख्स ने होटल के अंदर इस विस्फोट को अंजाम दिया था। इसके बाद से सलमान रुश्दी छिपकर और पुलिस प्रोटेक्शन में जिंदगी जी रहे थे। 2006 में हिजबुल्ला संगठन के प्रमुख ने कहा था कि सलमान रुश्दी ने जो ईशनिंदा की है उसका बदला लेने के लिए करोड़ों मुस्लिम तैयार हैं। पैगंबर के अनादर का बदला लेने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। 2010 में आतंकी संगठन अलकायदा ने एक हिट लिस्ट जारी की थी। इसमें इस्लाम धर्म के अपमान करने के आरोप में सलमान रुश्दी को भी जान से मारने की बात कही गई थी। इन दिनों रुश्दी न्यूयॉर्क सिटी में खूब आराम और आज़ाद जिंदगी जी रहे थे। 2019 में वो अपने एक नॉवेल को प्रमोट करने के लिए मैनहटन के एक प्राइवेट क्लब में दिखे थे। ऐसे ही अब 12 अगस्त 2022 को वह एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, जहां उन पर चाकू से हमला हुआ।

सलमान रुश्दी की किताब ‘सैटेनिक वर्सेज’ को लेकर दुनिया भर के कई देशों में प्रदर्शन और हिंसक विरोध होते रहे हैं जिनमें लगभग 59 लोगों मारे गए हैं। इन मृतकों की संख्या में इस किताब के प्रकाशक और दूसरे भाषा में अनुवाद करने वाले लोग भी शामिल हैं। जापानी अनुवादक हितोशी इगाराशी ने रुश्दी की किताब ‘सैटेनिक वर्सेज’ की अपने भाषा में अनुवाद किया था। इसके कुछ दिनों बाद ही उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इसी तरह ‘सैटेनिक वर्सेज’ के इटैलियन अनुवादक और नॉर्वे के प्रकाशक पर भी जानलेवा हमले किए जा चुके हैं। 19 जून 1947 को मुंबई में पैदा होने वाले सलमान रुश्दी एक कश्मीरी मुस्लिम परिवार से हैं। जन्म के कुछ सालों बाद ही रुश्दी का परिवार ब्रिटेन में रहने लगा। ऐसे में स्कूली पढ़ाई इंग्लैंड के फेमस रग्बी स्कूल से करने के बाद रुश्दी ने आगे की शिक्षा कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से की। फिर 1968 में इतिहास में MA की डिग्री हासिल करने के बाद 1970 में उन्होंने लंदन में एक एडवरटाइजमेंट राइटर के तौर पर नौकरी शुरू कर दी। इसके बाद 1975 में रुश्दी ने ग्राइमस नाम से पहली किताब पब्लिश की। अपने दूसरे ही उपन्यास ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ के लिए 1981 में ‘बुकर प्राइज’ और 1983 में ‘बेस्ट ऑफ द बुकर्स’ पुरस्कार से सलमान रुश्दी सम्मानित किए गए। सलमान रुश्दी की लिखी हुई करीब 30 किताबें हैं, जिनमें फिक्शन, नॉन-फिक्शन उपन्यास और बच्चों पर लिखी गई किताबें भी शामिल हैं। लेखक सलमान रुश्दी की 4 शादियां हो चुकी हैं। सलमान की पहली शादी 1976 में क्लेरिसा लुआर्ड से हुई थी। करीब 11 साल के बाद क्लेरिसा का यह रिश्ता टूट गया था। इसके बाद रुश्दी ने दूसरी शादी अमेरिकी उपन्यासकार मैरिएन विगिन्स से की थीं। 1993 में रुश्दी ने विगिन्स से तलाक ले लिया था। इसके बाद 1997 में एलिजाबेथ नाम की महिला से सलमान रुश्दी ने शादी की थी। साल 2004 में रुश्दी ने चौथी शादी की। इस बार उन्होंने एक भारतीय मूल की अमेरिकी एक्ट्रेस और मॉडल पद्मालक्ष्मी से शादी की थी। हालांकि 2 जुलाई 2007 को रुश्दी ने पद्मा से भी तलाक ले लिया था। सलमान रुश्दी की चौथी पत्नी पद्मालक्ष्मी से शादी के तीन साल बाद ही तलाक हो गया था। लक्ष्मी उम्र में रुश्दी से 23 साल छोटी हैं। अपनी आत्मकथा में एक्ट्रेस पद्मालक्ष्मी ने लिखा है कि उनकी मुलाकात 1999 में न्यूयॉर्क में एक पार्टी के दौरान हुई थी। तब रुश्दी 51 साल के और लक्ष्मी 28 साल की थीं। इसके बाद दोनों अक्सर एक-दूसरे से मिलने लगे। तीसरी पत्नी से रुश्दी के तलाक होने के बाद लक्ष्मी ने 2004 में रुश्दी से शादी करने का फैसला किया। शादी के 3 साल बाद ही दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। आखिर में लक्ष्मी ने अपने रिश्ते को खत्म करने का फैसला किया था। पद्मालक्ष्मी ने अपनी किताब लव लोस एंड व्हाट वी एट में लिखा कि रुश्दी सेक्स के लिए पागल है।

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