Sunday, April 21, 2024
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स्विस बैंकों में जमा धन को काला धन मानना गलत बताते हैं  स्विस अधिकारी : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

स्विस बैंकों में भारतीयों के कितने पैसे हैं  सरकार को नहीं मालूम, वित्त मंत्री ने दोहराया पुरानी सरकारों का राग

नई दिल्ली। ( क़ौमी आगाज़ ब्यूरो)

भारत वर्ष में इस मुद्दे को लेकर पिछले काफी समय से राजनीति होती रही है और चुनावी मुद्दों में यह मुद्दा भी शामिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे को अपने शुरूआती चुनावी भाषणों में ख़ूब शामिल किया लेकिन सरकार बनने के बाद इस विषय या मुद्दे पर कुछ नहीं हुआ। और स्विस बैंक में भारतीयों के खाते और उसमें जमा अनुमानित राशि को लेकर भारत सरकार का आधिकारिक जवाब जो एक दशक पहले था वहीं आज भी है। पहले भी केंद्र सरकार का यही कहना था कि स्विस बैंकों में भारतीयों ने कितनी राशि जमा कराई है, इसका उसे कोई अनुमान नहीं है। सोमवार को भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में इस बारे में पूछे गए सवाल का लगभग वैसा ही जवाब दिया। हालांकि उन्होंने स्विस अधिकारियों की तरफ से दिए गए एक जवाब के आधार पर यह जरूर बताया कि वर्ष, 2021 में स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि में 8.3 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने यह भी बताया कि विदेशों में छिपाई गई राशि का पता लगाने और उन पर टैक्स लगाने को लेकर सरकार लगातार कोशिश कर रही है। दरअसल, वित्त मंत्री से यह पूछा गया था कि क्या स्विस बैंक में भारतीयों की तरफ से जमा की गई राशि में वर्ष 2020 की तुलना में वर्ष 2021 में वृद्धि हुई है। इसके जवाब में सीतारमण ने कहा है कि हमारे पास कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है कि स्विस बैंकों में भारतीय नागरिकों या कंपनियों ने कितनी राशि जमा की है। बता दें कि कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह खबर आई थी कि इस दौरान यह राशि बढ़ी है। हालांकि स्विस अधिकारियों ने इस बारे में भारतीय मीडिया में छपी रिपोर्टों को गलत बताया और कहा है कि आमतौर पर स्विस बैंक में जमा की गई राशि को काला धन मान लिया जाता है, जो सही नहीं है। स्विस बैंक के अधिकारियों ने लोकेशनल बैंकिंग स्टैटिस्टिक्स के आधार पर इनका अनुमान लगाने को कहा है। इस आधार पर यह बताया गया कि असलियत में भारतीय नागरिकों की तरफ से स्विस बैंकों में जमा राशि में 8.3 प्रतिशत की कमी आई है। सरकार की तरफ से विदेश से काला धन लाने की चल रही कोशिशों के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि एचएसबीसी मामले में 31 मई, 2022 तक 8,468 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है और इस पर 1294 करोड़ रुपये का टैक्स लगाया गया है। अंतरराष्ट्रीय समाचार पत्रों ने विश्व भर में एचएसबीसी के उस नेटवर्क का पर्दाफाश किया था, जिसके तहत दुनिया भर के रसूखदार लोग अपनी काली कमाई एक जगह से दूसरी जगह भेजते थे। इसमें भारत से जुड़े मामले भी शामिल थे। वित्त मंत्री ने कहा कि जहां तक विदेशों में जमा अघोषित धन को स्वदेश लाने की बात है तो इस संबंध में बनाए गए काला धन कानून, 2015 के तहत कुल 648 मामलों में 4,164 करोड़ रुपये की राशि अघोषित आय का पता चला है। इनमें से 368 मामलों में जांच पूरी हो गई है और इनसे 14,820 करोड़ रुपये कर मांगा गया है। यह राशि पेनाल्टी और ब्याज समेत है। अभी तक 2,476 करोड़ रुपये का टैक्स व पेनाल्टी वसूला गया है।

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